देहरादून, 29 दिसंबर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल वीआईपी के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बाद उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण के यमुना कॉलोनी स्थित आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर सांकेतिक विधानसभा सत्र आयोजित कर अध्यक्ष से कई तीखे सवाल पूछे और भाजपा नेत्रियों की चुप्पी पर कड़ा प्रहार किया।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में हुए इस अनोखे प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा को विधानसभा अध्यक्ष के प्रतीक के रूप में कुर्सी पर बैठाया। रौतेला ने पूछा कि भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और पार्टी की मुखर महिला प्रवक्ता इस जघन्य हत्याकांड पर क्यों खामोश हैं? हत्याकांड के सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की सदस्यता क्यों नहीं बर्खास्त की गई? क्या भाजपा नेत्रियों को प्रदेश की महिलाओं की अस्मिता और उनके दर्द से कोई सरोकार नहीं है?
ज्योति रौतेला ने कहा कि यदि भाजपा की महिला नेता थोड़ी भी संवेदनशील हैं और उन्हें अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या पर जरा सी भी शर्म बाकी है, तो उन्हें खुद दुष्यंत गौतम से इस्तीफा मांगना चाहिए और उनकी गिरफ्तारी की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में हुई महिलाओं के खिलाफ अपराध की अधिकांश घटनाओं में भाजपा नेताओं की संलिप्तता मिली है, जिसके कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इन मामलों में भाजपा नेत्रियां पूरी तरह मौन रहीं। यहां तक कि टीवी डिबेट में जोर-शोर से बोलने वाली प्रवक्ता भी इस मुद्दे पर चुप हैं। इससे साफ है कि भाजपा नेत्रियों को न राज्य की बेटियों की इज्जत से मतलब है और न ही पार्टी के नेताओं की करतूतों से।
रौतेला ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी से एक महिला होने के नाते इस दर्द को समझने और सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की सदस्यता तत्काल बर्खास्त करने की अपील की।
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, चंद्रकला नेगी, पार्षद कोमल बोरा, संगीता गुप्ता, अनुराधा तिवाड़ी, महासचिव निधि नेगी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अंशुल त्यागी, शिवानी मिश्रा, अमृता कौशल, नीरू सिंह, दीपा चौहान, देवेंद्र कौर, आयुष गुप्ता, गौरव रावत, रितेश क्षेत्री, अभिषेक डोबरियाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।