देहरादून, 28 दिसंबर। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण पर कांग्रेस द्वारा फेसबुक इंस्टाग्राम सहित अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपुष्ट, अमर्यादित और भावनाओं को भड़काने वाले कंटेंट के सहारे राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अंकिता देवभूमि उत्तराखंड की बेटी थी और उसके नाम को बार-बार सोशल मीडिया की सनसनी बनाकर पेश करना दिवंगत बेटी के सम्मान का अपमान है।
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा, “कांग्रेस के पास जनमानस के समक्ष बोलने के लिए कोई विषय बचा नहीं है ऐसलिये उत्तराखंड की जनता को कांग्रेस गुमराह कर रही है ।
कटे-छँटे वीडियो और अफवाहों के आधार पर कांग्रेसी आरोपों की नई-नई कहानियाँ गढ़ रहे हैं।
यह न्याय की प्रक्रिया नहीं, सोशल मीडिया ट्रायल है। उन्होंने कहा -हमारा स्पष्ट आग्रह है यदि किसी के पास वास्तविक साक्ष्य हैं, तो उन्हें अदालत या सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करें। सोशल मीडिया पर उछालकर जनता को गुमराह करना और दिवंगत बेटी के नाम पर राजनीति करना बंद कीजिए।”
उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने इस दुखद घटना में तेज और कठोर कार्रवाई की 24 घंटे में गिरफ्तारी, 48 घंटे में शव बरामदगी, एसआईटी गठन, सख्त कानूनी प्रावधानों के साथ कार्रवाई तथा न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी के आधार पर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनिश्चित हुई। “सरकार ने जो भी कदम उठाए, वह पीड़ित परिजनों की भावनाओं और सुझावों का सम्मान करते हुए उठाए,”।
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेस से अपील करते हुए कहा कि मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनर्गल अश्लील और अपुष्ट कंटेंट को ‘राजनीतिक हथियार’ बनाकर देवभूमि का माहौल खराब करने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने अपेक्षा जताई कि संबंधित प्लेटफॉर्म्स और प्रशासन /साइबर एजेंसियां अमर्यादित कंटेंट पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि सार्वजनिक विमर्श की मर्यादा बनी रहे।
“उन्होंने कहा कि भाजपा की स्पष्ट मांग है साक्ष्य हों तो न्यायालय में दें। लेकिन तात्कालिक राजनीतिक लाभ के लिए देवभूमि की दिवंगत बेटी के सम्मान को बार-बार उछालना बंद करें